वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का कारनामा किया। ईस्ट जोन की ओर से सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में खेलते हुए वैभव ने 81 गेंदों में 92 रनों की शानदार पारी खेली।
बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 1 में खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 15 साल और 157 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जो पहले लक्ष्मण सिंह के नाम था। लक्ष्मण ने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
वैभव ने ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर यह रिकॉर्ड बनाया। अर्धशतक तक पहुंचने के दौरान उन्होंने पांच चौके और तीन छक्के लगाए।
अर्धशतक के बाद भी बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा और अपने पहले फर्स्ट-क्लास शतक की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, वह 81 गेंदों में 92 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे।
वैभव सूर्यवंशी ने हर्ष दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन अरशद खान ने उनका कैच लपक लिया। इसके साथ ही अभिमन्यु ईश्वरन के साथ उनकी 161 रन की शानदार ओपनिंग साझेदारी भी समाप्त हो गई।
15 वर्षीय वैभव एक और ऐतिहासिक उपलब्धि से सिर्फ आठ रन दूर रह गए। अगर वह शतक पूरा कर लेते, तो दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन जाते और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देते। तेंदुलकर ने 1990-91 सीजन में 17 साल और 262 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
वैभव का 92 रन फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका दूसरा अर्धशतक भी है। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 93 रन है, जो उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप में बिहार की ओर से मेघालय के खिलाफ बनाया था।
दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल डेब्यू में वैभव बल्ले से सिर्फ आठ रन बना सके थे। हालांकि, उन्होंने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 2/11 के करियर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े दर्ज किए थे। ईस्ट जोन ने वह मुकाबला एक पारी और 210 रन से जीता था।
सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन की टीम पहली पारी में 266 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद दूसरे दिन वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी ने ईस्ट जोन को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
वैभव ने मैच के पहले दिन कुछ समय के लिए ईस्ट जोन की कप्तानी भी की। नियमित कप्तान ईशान किशन के उंगली में चोट लगने के बाद वैभव ने करीब 20 ओवर तक टीम की कमान संभाली। टूर्नामेंट के लिए उन्हें ईस्ट जोन का उप-कप्तान बनाया गया है।
कप्तानी के दौरान वैभव ने DRS का सफल इस्तेमाल भी किया। आर्यन जुयाल 46 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी मुकेश कुमार की गेंद पर कैच के पीछे होने की अपील को अंपायर ने नकार दिया।
वैभव ने रिव्यू लेने का फैसला किया और रिप्ले में गेंद का किनारा लगने की पुष्टि हुई। फैसला बदला गया और सेंट्रल जोन का स्कोर 99/4 हो गया।