रवींद्र जडेजा की राजस्थान रॉयल्स में लंबे समय बाद वापसी यादगार और प्रभावशाली थी। अनुभवी ऑलराउंडर ने सोमवार को आईपीएल 2026 के पहले मैच में अपनी पूर्व टीम चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच का रुख बदलने वाली निर्णायक गेंदबाजी की।
तीन ओवरों में 2/18 के शानदार आंकड़े दर्ज करने के बाद मैच के इनिंग्स ब्रेक के दौरान जडेजा ने ब्रॉडकास्टर्स से कहा, "मुझे लगता है कि गुलाबी रंग मुझ पर अच्छा लग रहा है।"
37 वर्षीय जडेजा का सोमवार को आरआर के लिए खेलना एक खास उपलब्धि रहा, क्योंकि उन्होंने एक ही टीम के लिए सबसे लंबे अंतराल (6158 दिन) का आईपीएल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड कर्ण शर्मा के नाम था। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए दो मैचों के बीच 5093 दिनों (लगभग 14 साल) का अंतराल रखा था।
नए इंडियन प्रीमियर लीग सीजन से पहले जडेजा का सीएसके से आरआर में जाना काफी सुर्खियों में रहा। क्योंकि 17 साल बाद यह उनकी उसी टीम में भावानात्मक वापसी थी, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई थी।
वह राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा थे। इस टीम ने शेन वार्न की कप्तानी में 2008 में पहला आईपीएल खिताब जीता था।
गुवाहाटी के एसीए स्टेडियम में रॉयल्स के तेज गेंदबाजों द्वारा शुरुआती सफलता हासिल करने के बाद जडेजा को गेंदबाजी के लिए उतारा गया। उन्होंने स्पिन गेंदबाजों के सामने सीएसके को राहत का कोई मौका नहीं दिया। अपने पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर विकेटों के गिरने का सिलसिला जारी रखा और विरोधी टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।
सीएसके के खिलाफ, जिसके लिए उन्होंने दो बार में 10 सीजन खेले थे, जडेजा ने आते ही शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी दूसरी ही गेंद पर इम्पैक्ट प्लेयर सरफराज खान को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया।
सरफराज की जगह मैदान पर उतरे शिवम दुबे ने जडेजा पर पलटवार किया और उनकी पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया। हालांकि, इस छोटी सी टकराव में दिग्गज ऑलराउंडर जडेजा ने बाजी मार ली। उन्होंने ओवर की आखिरी गेंद पर दुबे को लॉन्ग ऑन पर कैच आउट करवा दिया।
इस विकेट ने जडेजा को भी जोरदार जश्न मनाने के लिए मजबूर कर किया, क्योंकि वे ऐसे ऑन-फील्ड मुकाबलों का भरपूर आनंद लेते हैं।
जडेजा ने बाद में विकेट के बारे में बात करते हुए कहा, “मैं शिवम दुबे को लंबे समय से जानता हूं। मैंने नेट में उनके खिलाफ गेंदबाजी की है, इसलिए मैं समझता हूं कि वह स्पिनरों का सामना कैसे करते हैं। मैं इसके लिए तैयार था और मैंने ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी करने की कोशिश की, क्योंकि मुझे पता था कि वह मेरे खिलाफ बड़े शॉट खेलने की कोशिश करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि विकेट थोड़ा नम था और गेंद टर्न हो रही थी, इसलिए मुझे गेंदबाजी करने में बहुत मजा आया। मेरा काम बस सही जगहों पर गेंद डालना था और बाकी काम पिच पर छोड़ देना था।”
इस दोहरे झटके ने सीएसके के मिडिल ऑर्डर को तबाह कर दिया और रॉयल्स को उन्हें 127 रन पर ऑल-आउट करने में मदद की। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी की तूफानी 50 रनों की पारी के दम पर रॉयल्स ने आसानी से आठ विकेट से जीत हासिल कर ली।
जडेजा, जो टी20 क्रिकेट में 4000 रन बनाने और 200 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बनने से सिर्फ 15 रन दूर हैं। उन्हें इस मैच में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।